सौभाग्य से मिलता है सेवा का अवसर
दो शक्स कार में
बैठकर कहीं जा रहे थे कि अचानक सामने से एक खरगोश उनकी गाड़ी से आकर टकरा जाता है
और मर जाता है। पहले कार वाले ने दुसरे से पुछा क्या तुम बता सकते हो यह खरगोश
क्यु मर गया। तो दुसरे शक्स ने कहा इसकी मौत आनी थी इसलिए यह मर गया। पहले शक्स ने
कहा ये तो बच्चो वाली बाते है। तो पहले शक्स ने कहा तुम बताओ ये क्यु मरा। तब पहले
शक्स ने कहा यह अनिर्णय में मर गया। इसे समझ नहीं आ रहा था कि
जाना कहां है। ये चाहता तो आगे भी जा सकता था, पिछे भी जा सकता था। तो बच जाता। खरगोश अनिर्णय के कारण मर गया।
आज साधारण मनुष्य
भी शायद अनिर्णय में जी रहे है। इसलिए साधारण जीवन ही जी पा रहे है। जीवन तो सभी
जीते है पर उन सभी का लक्ष्य होता है। जिनका लक्ष्य ही नहीं होता
उसे पता ही नहीं ये मनुष्य जीव क्यु मिला है। इसलिए हमारे सामाजिक जीवन में, व्यवहारिक
जीवन में, आध्यात्मिक जीवन में ध्यान का बहुत महत्व है। हमें मनुष्य जीवन मिला है प्रगति
करने के लिए। प्रगति हमारे भौतिक शरीर की हो या आत्मा की हो इसके लिए ध्यान करना बहुत
जरुरी है।
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