सौभाग्य से मिलता है सेवा का अवसर
नेक राह के मुसाफिर
हम सुबह से रात तक अपनी व्यक्तिगत व पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझे रहते
है, ऐसे में हम अपने सामाजिक कर्तव्य
को भूल जाते हैं।
ईश्वर ने हमें इस योग्य जरूर बनाया है कि हम थोड़े - थोड़े सहयोग से किसी
जरूरतमंद की मदद कर सकें, यह सेवा का
सौभाग्य हमें किसी न किसी के माध्यम से मिलता रहता है।
सर्दी में ठिठुरते जरूरतमंदों के दर्द को देखकर कुछ लोग अपने दो कदम बढ़ाकर
मुहिम शुरू कर देते है देखते ही देखते वह कारवाँ बन जाती है, बड़े कार्य की शुरुआत हमेशा पहले दो कदम से होती हैं, कुछ लोग इस कहावत को सही साबित कर देते है।
एक ऐसा ही मुहिम नैक राह के मुसाफिर के टीम लीडर स्वरुप जी सोलंकी सर और
केशव जी सर के सहयोग से पूर्ण हुआ।
इन लोगों ने कुछ मित्रगणों का एक ग्रुप बनाया इस समूह में साथियों ने दिल
खोलकर सहयोग किया है, जरूरतमंदों
के लिए 100 से भी ज्यादा कम्बल खरीदना अपने आप
में प्रेरणादायक व अनुकरणीय कार्य था।
"वस्त्रदान अभियान" में 10 दिसम्बर ( शनिवार ) को रात्रि 8 बजे से जोधपुर शहर के प्रमुख स्थानों पर जरूरतमंद
लोगों को सर्दी से बचाव हेतु कम्बल व गर्म वस्त्रों का विरतण किया गया। इस कार्य
के लिए 3 टीमों का गठन किया गया, जिसमें मनीष जी ठाकुर, पीयूष सिंह जी, लेखराज जी, केशव जी, ध्वनि जी, श्रीपाल जी, कैलाश जी मेहरा, बबलू जी, सुनील जी विश्नोई व स्वरूप सोलंकी ने वस्त्र व कंबल
वितरण में सहयोग कर इस मुहिम को अंतिम रूप से सफल बनाने में सहयोग किया।
10 दिसम्बर रात में जब हमारी टीम वस्त्र वितरण करने गई
तो हमने कई दयनीय दृश्य देखें, सड़क किनारे फुटपाथ पर मासूम बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं व दिव्यागजन हाड़ कपाती सर्दी में ठिठुरते हुए
दिखे, जब इन जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, कम्बल व चरण पादुकायें मिल रही थी, मानो हमें लाखो दुआएं मिल रही थी।
वस्त्रदान अभियान निस्वार्थ भाव वाली मुहिम थी, जिसमें दिखावे का कोई स्थान नही था, इसलिए जरूरतमंदों को वस्त्र व कम्बल देते समय किसी भी
प्रकार की फोटोग्राफी नही की गई।
इस मुहिम में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग
करने वाले सभी साथियों व मित्रों को ह्रदय से धन्यवाद।
यह मुहिम समाज व युवापीढ़ी को को नई दिशा देने में नीव का पत्थर साबित होगी, इस सेवाभावी समूह के माध्यम से हम भविष्य में ऐसे अनुकरणीय व प्रेरणादायक कार्य करते रहे, ऐसी ईश्वर से प्रार्थना है।
- टीम नेक राह के मुसाफिर



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