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Showing posts from March, 2022

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सौभाग्य से मिलता है सेवा का अवसर

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नेक राह के मुसाफिर हम सुबह से रात तक अपनी व्यक्तिगत व पारिवारिक जिम्मेदारियों में उलझे रहते है , ऐसे में हम अपने सामाजिक कर्तव्य को भूल जाते हैं। ईश्वर ने हमें इस योग्य जरूर बनाया है कि हम थोड़े - थोड़े सहयोग से किसी जरूरतमंद की मदद कर सकें , यह सेवा का सौभाग्य हमें किसी न किसी के माध्यम से मिलता रहता है। सर्दी में ठिठुरते जरूरतमंदों के दर्द को देखकर कुछ लोग अपने दो कदम बढ़ाकर मुहिम शुरू कर देते है देखते ही देखते वह कारवाँ बन जाती है , बड़े कार्य की शुरुआत हमेशा पहले दो कदम से होती हैं , कुछ लोग इस कहावत को सही साबित कर देते है।   एक ऐसा ही मुहिम नैक राह के मुसाफिर के टीम लीडर स्वरुप जी सोलंकी सर और केशव जी सर के सहयोग से पूर्ण हुआ।   इन लोगों ने कुछ मित्रगणों का एक ग्रुप बनाया इस समूह में साथियों ने दिल खोलकर सहयोग किया है , जरूरतमंदों के लिए 100 से भी ज्यादा कम्बल खरीदना अपने आप में प्रेरणादायक व अनुकरणीय कार्य था।     " वस्त्रदान अभियान" में 10 दिसम्बर ( शनिवार ) को रात्रि 8 बजे से जोधपुर शहर के प्रमुख स्थानों पर जरूरतमंद लोगों को सर्दी से बचाव हेतु कम्बल ...

शिव के "35" रहस्य

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 शिव के  "35" रहस्य भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है। 🔱1. आदिनाथ शिव :- सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें 'आदिदेव' भी कहा जाता है। 'आदि' का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम 'आदिश' भी है। 🔱2. शिव के अस्त्र-शस्त्र :- शिव का धनुष पिनाक, चक्र भवरेंदु और सुदर्शन, अस्त्र पाशुपतास्त्र और शस्त्र त्रिशूल है। उक्त सभी का उन्होंने ही निर्माण किया था। 🔱3. भगवान शिव का नाग :- शिव के गले में जो नाग लिपटा रहता है उसका नाम वासुकि है। वासुकि के बड़े भाई का नाम शेषनाग है। 🔱4. शिव की अर्द्धांगिनी :- शिव की पहली पत्नी सती ने ही अगले जन्म में पार्वती के रूप में जन्म लिया और वही उमा, उर्मि, काली कही गई हैं। 🔱5. शिव के पुत्र :- शिव के प्रमुख 6 पुत्र हैं- गणेश, कार्तिकेय, सुकेश, जलंधर, अयप्पा और भूमा। सभी के जन्म की कथा रोचक है। 🔱6. शिव के शिष्य :- शिव के 7 शिष्य हैं जिन्हें प्रारंभिक सप्तऋषि माना गया है। इन ऋषियों ने ही शिव के ज्ञान को संपूर्ण धरती पर प्रचारित ...

यमराज द्वारा दिया गया आखिरी पाँच मिनट

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पांच  मिनट एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए व्यक्ति से पानी माँगा , बिना एक क्षण गंवाए उसने पानी पिला दिया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास बुझाई है इसलिए मैं तुम्हें अपनी किस्मत बदलने का एक मौका देता हूँ | यह कहकर यमराज ने एक डायरी देकर उस आदमी से कहा कि तुम्हारे पास 5 मिनट का समय है | इसमें तुम जो भी लिखोगे वही हो जाएगा लेकिन ध्यान रहे केवल 5 मिनट |   उस व्यक्ति ने डायरी खोलकर देखा तो उसने देखा कि पहले पेज पर लिखा था कि उसके पड़ोसी की लॉटरी निकलने वाली है और वह करोड़पति बनने वाला है | उसने वहां लिख दिया कि उसके पड़ोसी की लॉटरी न निकले | अगले पेज पर लिखा था कि उसका एक दोस्त चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है , तो उसने लिख दिया कि उसका दोस्त चुनाव हार जाए |   इस तरह , वह पेज पलटता रहा और अंत में उसे अपना पेज दिखाई दिया | जैसे ही उसने कुछ लिखने के लिए अपना पेन उठाया यमराज ने उस व्यक्ति के हाथ से डायरी ले ली और कहा वत्स तुम्हारा पांच मिनट का समय पूरा हुआ , अब ...